3d wolf Play popular new games for free, plus special offers, free bonuses, and special promotions. -दूसरे दिन जब वह दरबार जाने के लिए तैयार हुआ, तब आईने के सामने खड़ा होकर देर तक अपनी मूंछों पर तेल मलता रहा। उसने ख़ूब सारा तेल अपनी मूंछों और होंठों पर लगा लिया। जब गोपाल दरबार में उपस्थित हुआ, तब उसकी मूंछों से टपकते तेल को देखकर दरबारी हंसने लगे। दरबारियों के हंसने का कारण जानने के लिए महाराज ने जब गोपाल की ओर देखा तब उन्हें भी हंसी आ गई। उन्होंने गोपाल को छेड़ते हुए पूछा, ‘क्यों गोपाल, अभी तुम क्या किसी तेली के पास से आ रहे हो?’ महाराज के इस सवाल पर सभी दरबारी हंस पड़े। हंसी का यह सिलसिला देर तक दरबार में चलता रहा।-3d wolf,